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नेता नही शिल्पकार है कमलनाथ!

 बीते एक वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश को मिली नई दिशा

 बीते एक वर्ष के कार्यकाल में प्रदेश को मिली नई दिशा
 चुनावी वायदों के सौ वचनों को पूरा करके निभाया अपना वादा
मध्य प्रदेश की छवि पर काला दाग बने खनन माफियाकमलनाथ जन्मदिन विशेष–  (मो.शमीम ) संपादक डी.टी न्यूज़)

मध्य प्रदेश को श्री कमल नाथ के रूप में ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जिसे परिवार के मुखिया की तरह हर सदस्य की चिंता है। वे बातें कम और काम ज्यादा करते है। वे सबको समान दृष्टि से देखते है। बच्चों, युवाओं , बेटियों की चिंता करते है और बड़े बुजुर्गों का ख्याल रखते है। वे भविष्य की ओर देखने में विश्वास करते हैं। वे नेता नही शिल्पकार है।
कमलनाथ याने उम्मीद–मध्य प्रदेश के नागरिकों को पिछले 13 सालों में सिर्फ बातें और भाषण सुनने को मिले और व्यापम जैसे घपलों से बदनामी मिली। अब हर नागरिक महसूस कर रहा है कि जनता के हित में काम कैसे किया जाता हैं। श्री नाथ हमेशा परिणाम देने वाले फैसले करते हैं और जरूरतमंद की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। कई लोग जो बताते हैं कि रोजगार कार्यालय में वायोडाटा देने से उम्मीद कम रहती है मगर कमलनाथ तक बायोडाटा पहुंच गया तो नौकरी की उम्मीद बढ़ जाती है।
वे सुशासन को सकारात्मक रवैये से जोड़ते हैं ।
उनका सीधा कहना है कि मध्यप्रदेश को आगे ले जाने का एक ही रास्ता है कि हम नागरिक सेवाओं के प्रदाय की व्यवस्थाओं को सुधारें । हर नागरिक को पूरी संतुष्टि के साथ सुविधाएं मिले। इसके लिये नौकरशाही को रवैये में बदलाव लाना होगा। वे साफ कहते हैं कि नीतियां तो कभी भी बदलीं जा सकतीं है,लेकिन रवैया ठीक न हो तो अच्छी नीतियां भी काम नहीं कर सकती नाथ जी की सबसे अच्छी बात यह है कि वे पीछे मुड़कर कमियां ढूंढने में विश्वास नहीं करते बल्कि आगे का रास्ता बनाने में विश्वास करते हैं।
नकली आलोचनाओं की फिक्र नहीं —- वे कहते है कि विकास हमें करना है। इसलिये जिसे विकास में भागीदार बनाना है उसे पूरा भरोसा दिलाना होगा। इसीलिये वे पुरानी सरकारों को नहीं कोसते। लेकिन अकारण आलोचना और राजनीति का उत्तर भी जरूर देते हैं। फिजूल की आलोचनाओं को अनदेखा करना उनकी खूबी है। इसलिए कई विपक्षी नेताओं के आलोचना बंद हो गई।
जब सचिवालय में वंदे मातरम को लेकर विपक्ष ने हमले किये तो उन्होंने जिस स्वरूप में वंदेमातरम का आयोजन आरंभ किया उससे विपक्ष की चिंतायें धराशायी हो गयीं।
कमलनाथ सोचते हैं कि शिक्षा तो एक उम्र तक ही ली जा सकती है मगर ज्ञान जीवन भर लिया जा सकता है इसलिये वे निरंतर चर्चा करने और सीखने में विश्वास करते हैं। जनहित में अच्छे काम करने की संतुष्टि जीवन के अंतिम क्षण तक रहती है ।वे सहज भाव से जीवन के दर्शन में उतर जाते हैं और न मिटने वाली छाप छोड़ देते हैं। यही कारण है कि प्रतिपक्ष के लोग भी उनका लोहा मानते हैं।
कमल नाथ राजनीति में मिथ्या व्यवहार पसंद नहीं करते। इसलिये वे घोषणायें नहीं करते ।फैसले करते हैं और जब फैसला ले लेते हैं तभी जनता की जानकारी में लाते है। लागू करने में कितना वित्तीय भार आयेगा यह भी सुनिश्चित कर लिया ।जैसे जैसे पांच साल में खाली खजाना भरता जायेगा वैसे वैसे इन्हें पूरा करने का कैलेन्डर भी सोच लिया।
भविष्य पर नज़र— वे भावी पीढ़ी के अनगढ़ भविष्य पर सोचने वाले नेता हैं ।पूरी दुनिया केवल आगाह कर रही है । लोग कह रहे हैं अगला विश्व युद्ध पानी के लिये होगा तब वे पानी का अधिकार देने के लिये प्रयासरत हैं,छिंदवाड़ा के दूसरे नाथ यानी की नकुल नाथ ने तो मां नर्मदा का पवित्र जल छिंदवाड़ा में लाने का संकल्प ही ले लिया है।वे जल संरचनाओं को बचाने का रोडमेप भी बना रहे हैं।
वे शुद्ध के लिये युद्ध कर रहे हैं। शुद्धता की लडा़ई को सामाजिक आंदोलन बनाना उनका मकसद हैं,।
मध्य प्रदेश की छवि पर काला दाग बने खनन माफिया—-
पूर्ववर्ती भाजपा सरकार को खनन माफियाओं की सरकार बताने वाले कमलनाथ के लिए खनन माफिया मध्य प्रदेश का वह बदनुमा दाग बन चुका हैं, जिसे मिटाना श्रीनाथ सरकार के लिए आवश्यक हो गया है, यह बात तब और गंभीर हो जाती है जब कमलनाथ के गृह जिले छिंदवाड़ा में ही खनन माफिया बेकाबू हो चले हैं जबकि जिले की सातों विधानसभा पर कांग्रेस का कब्जा है लेकिन जिले की हर छोटी बड़ी नदियों में रेत का उत्खनन इस बड़े पैमाने पर हो रहा है कि जिसकी कल्पना करना आसान नहीं है लेकिन यह रेत खनन माफिया इतने उदंड हो गए हैं कि अब वह खाकी वर्दी को भी अपना निशाना बना रहे, रेत माफिया छिंदवाड़ा में अपना जंगलराज कायम करना चाहते हैं,और कुछ हद तक वह सफल भी हो चुके हैं । अन्ततः इनके सामने सामान्य जनता तो नतमस्तक है ही लेकिन प्रशासन भी पानी भरते दिखाई दे रहा है जो निश्चित ही चिंता का विषय रहकर इस ओर कदम उठाए जाने का इंतजार हो रहा है,

नाथ क्यों कहलाते है शिल्पकार—-कमलनाथ जब उद्योगों के विकास की योजना बनाते हैं तब बैंड बजाकर जीविका चलाने वाला भी उनकी नजर में होता है ।जब किसान की तकलीफें उन्हें चिंतित करतीं हैं तब युवाओं की शिक्षा और रोजगार भी उनके निर्णयों का हिस्सा होते हैं।श्री नाथ समग्र समाज के लिये सोचते हैं। मध्य प्रदेश को एक सच्चा शिल्पकार चाहिए था जो राजनीति से परे सिर्फ विकास करने और युवाओं को आगे बढ़ने का रास्ता बनाने की चिंता करता हो। कमल नाथ के रूप में ऐसा शिल्पी प्रदेश को मिल गया है। उन्हें जन्म दिन की अनेक शुभकामनाएं।

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